Thursday, 3 November 2011

जब प्यार हुआ



सारे मौसम तब लगे एक 
जब प्यार हुआ, ये खबर मिली
बदली भी छुप गयी बादल में 
कुछ दूर आसमानों के आँगन में 
लगते अब सूरज चाँद भी पास 
उनकी दुनिया भी कुछ ख़ास 
  रात भी मीठी- मीठी सी 
अब पूछें है कुछ बातें मुझसे 
क़ि
दिल धड़कन का या धड़कन दिल क़ि 
इन बातों का अब होश कहाँ 
 दरिया का हर कोना भी पूछे पता तुम्हारी लहरों का 
जिनमे तुम उठती सी
सोती,बहती सी,रहती,कहती,सहती सी बिल्कुल वैसे 
जैसे कीचड़ में खिला हो एक कमल 
जिसके दीदार क़ि उम्मीद खुद कीचड़ को ना हुई हो शायद ....
सारे मौसम तब लगे एक 
जब प्यार हुआ ये खबर मिली...ये खबर मिली...||