Saturday, 19 May 2012

मेरे हारमोनियम क्लास के ना देख पाने वाले बच्चो के लिए 
ना काले से बैर 
ना सफ़ेद से प्रेम 
सब रंग हैं  जिनके लिए समान  
वो नेत्रहीन जो 
अपनी ओस को 
हैं लिए चले कई मीलों पार 
साहस तो है चट्टानों सा
बादल की गरज गिर जाने सा 
ये  छूकर सबका 
दिल छू जाएँ 
और मिल पृथ्वी पर स्वर्ग बनाये 
ये छोटे से बालक...हैं खुद के  चालक
ये नेत्रहीन नहीं बल्कि .... केवल भाग्यहीन है||








Thursday, 12 April 2012

BIJLI (An item song)


बिजली (एक आयटम सांग )

दिखी है जबसे मोहल्ले की बिजली 
दिल में साली मची है खुजली 
बात बात पे है गुस्सा करती 
अब तो हर गली नुक्कड़ पे है  मुझसे लड़ती ||
तेवर है तीखे साली के 
सबपर भड़के है गाली से 
भोजपुरी की नगमा है वो
हर दिन जिसे लोग पढ़े एक ऐसा  कलमा है वो 
दिखी है जबसे मोहल्ले की बिजली 
दिल में साली मची है खुजली ||
वो लाल मिर्च का तडका है 
अंग अंग क्यूँ भड़का है
बनारस का मीठा पान है ...फितरत भी कमाल है 
और सुनो भैया जी
इस पान में चूना और कत्था भी विराजमान है
दिखी है जबसे मोहल्ले की बिजली 
दिल में साली मची है खुजली ||

अद्धे ...पौवे का पॉवर है 
मुहब्बत का जैसे शावर है 
गन्ने से मीठी और इमली से खट्टी है
न जाने कहाँ से ये कैरी है टपकी 
मुन्नी शीला का मिक्सचर है
गोरे रंग का क़रारा टेक्सचर है
बदनाम भी है और जवान भी ....
मोहल्ले के सभी खम्बो की जान भी है......
दिखी है जबसे मोहल्ले की बिजली दिल में साली मची है खुजली.............