बिजली (एक आयटम सांग )
दिखी है जबसे मोहल्ले की बिजली
दिल में साली मची है खुजली
बात बात पे है गुस्सा करती
अब तो हर गली नुक्कड़ पे है मुझसे लड़ती ||
तेवर है तीखे साली के
सबपर भड़के है गाली से
भोजपुरी की नगमा है वो
हर दिन जिसे लोग पढ़े एक ऐसा कलमा है वो
दिखी है जबसे मोहल्ले की बिजली
दिल में साली मची है खुजली ||
वो लाल मिर्च का तडका है
अंग अंग क्यूँ भड़का है
बनारस का मीठा पान है ...फितरत भी कमाल है
और सुनो भैया जी
इस पान में चूना और कत्था भी विराजमान है
दिखी है जबसे मोहल्ले की बिजली
दिल में साली मची है खुजली ||
अद्धे ...पौवे का पॉवर है
मुहब्बत का जैसे शावर है
गन्ने से मीठी और इमली से खट्टी है
न जाने कहाँ से ये कैरी है टपकी
मुन्नी शीला का मिक्सचर है
गोरे रंग का क़रारा टेक्सचर है
बदनाम भी है और जवान भी ....
मोहल्ले के सभी खम्बो की जान भी है......
दिखी है जबसे मोहल्ले की बिजली दिल में साली मची है खुजली.............
No comments:
Post a Comment